संविदा कर्मियों की नौकरी पक्की होने से झालावाड़ मेडिकल कॉलेज खाली सा हो गया। यहां 275 नर्सिंग कर्मी थे, जिनमें 150 को नियुक्ति मिल गई और वे गुरुवार को ही ज्वाइनिंग करने यहां से चले गए। नर्सिंग कर्मियों की कमी के चलते व्यवस्था बनाने के लिए शुक्रवार को जिला जनाना अस्पताल शिशु विभाग में एनआईसीयू व एफएनसी वार्ड में भर्ती शिशुओं को एक ही वार्ड में मर्ज कर दिया।
दोनों वार्डों में 50 वार्मर हैं। ऐसे में एक वार्मर में एक बच्चे को रखना होता है, लेकिन दोनों वार्डों को मिला देने से एक वार्मर में ही तीन-तीन बच्चों को लिटाया हुआ है। इससे बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। यही हाल दूसरे वार्डों का भी है। इधर, इस हालात से गुजरने प्लेसमेंट कर्मियों की भर्ती के लिए शुक्रवार से साक्षात्कार शुरू हुए।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai