कोटा यूनिवर्सिटी : पहले कार्यशैली के कारण हटाया, अब बनाया डीन

कोटा यूनिवर्सिटी : पहले कार्यशैली के कारण हटाया, अब बनाया डीन

कोटा यूनिवर्सिटी : पहले कार्यशैली के कारण हटाया, अब बनाया डीन

अनियमितता और कार्यशैली के कारण कोटा यूनिवर्सिटी के दो महत्वपूर्ण पदों से हटाए गए डिपार्टमेंट ऑफ प्योर एंड एप्लाइड फिजिक्स के प्रोफेसर एनके जैमन को फिर से यूनिवर्सिटी के बड़े पद पर बैठा दिया गया है।

तत्कालीन कार्यवाहक वीसी और संभागीय आयुक्त औंकार सिंह के कार्यकाल में डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) और डायरेक्टर रिसर्च से पद से उनको हटाया गया था। स्टूडेंट्स के जबरदस्त विरोध और हंगामे के कारण पहले डीएसडब्ल्यू और कोर्स वर्क में अनियमितता के कारण डायरेक्टर रिसर्च के पद से जैमन को हटना पड़ा था। तत्कालीन कार्यवाहक वीसी सिंह के जाने के बाद कोटा यूनिवर्सिटी के प्रशासन में बदलाव आया।
इसके बाद जैमन को फिर से अच्छा पद मिल गया, जबकि यूनिवर्सिटी के पास अन्य ऑप्शन भी मौजूद थे। जैमन उस फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर हैं जिस विभाग का प्लेसमेंट रिकॉर्ड जीरो है और एकेडमिक रूप से भी बच्चों की स्थिति मजबूत नहीं है। दरअसल, जैमन पहले भी डीन साइंसेज रह चुके हैं। रोटेशन के अनुसार यह मौका किसी और को दिया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे यूनिवर्सिटी प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
यह रहा है ट्रैक रिकार्ड

छात्रसंघ अध्यक्ष सुरेश सुवालका के कार्यकाल में स्टूडेंट्स की शिकायतों और छात्रसंघ पदाधिकारियों को सुविधा उपलब्ध नहीं करवाने पर छात्रों ने जबरदस्त हंगामा किया था। यहां तक कि प्रो. जैमन की नेम प्लेट तोड़ दी गई थी। कुर्सियों को चैंबर से बाहर निकाल दिया था। उस समय छात्रों ने प्रो. जैमन को डीएसडब्ल्यू और अन्य कमेटियों से हटाने की मांग की थी। इसके बाद उन्हें डीएसडब्ल्यू के पद से हटा दिया गया।
इसके बाद उनको रिसर्च डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया। उनके कार्यकाल में 6 माह का कोर्स वर्क 1 माह में समाप्त कर दिया गया था। इसके साथ ही कई स्टूडेंट्स ने रिसर्च वर्क के संबंध में शिकायत भी की थी। ये अनियमितता सामने आने के बाद उन्हें इस पद से भी हटा दिया गया।

ये काम होता है डीन साइंसेज का

फिजिक्स, केमेस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, वाइल्ड लाइफ सहित साइंस से जुड़े सब्जेक्ट और उनसे संबंधित निर्णयों को लागू करवाने और मॉनिटरिंग का महत्वपूर्ण काम डीन साइंसेज का ही होता है। यूजी , पीजी और रिसर्च में भी डीन साइंसेज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
वीसी के आदेश के बाद भी खाली नहीं किया था कमरा

प्रो. जैमन फिजिक्स डिपार्टमेंट के हेड भी थे, लेकिन तत्कालीन वीसी सिंह ने नई रोटेशन व्यवस्था को लागू करते हुए फिजिक्स, केमिस्ट्री और सोशल साइंसेज के हेड को बदलते हुए अपने कमरे भी बदलने के आदेश दिए। इसके बावजूद फिजिक्स विभाग के प्रो. जैमन ने अपना कमरा खाली नहीं किया। आदेश प्रभावी रहने के बावजूद वे एसोसिएट प्रोफेसर के कक्ष में शिफ्ट नहीं हुए थे।

- प्रो. जैमन यूनिवर्सिटी के सीनियर व्यक्ति हैं। पहले संभव है कि पहले काेऑर्डिनेशन में कोई कमी रह गई हो। प्रोफेसर्स की कमी को देखते हुए ही उनको डीन साइंसेज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी किसी अनियमितता की बात मेरे तक नहीं पहुुंंची है। - प्रो. पीके दशोरा, वीसी, काेटा यूनिवर्सिटी

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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