निगम के बजट में वित्त समिति के फैसले दरकिनार, पार्षद आज करेंगे फैसला

निगम के बजट में वित्त समिति के फैसले दरकिनार, पार्षद आज करेंगे फैसला

निगम के बजट में वित्त समिति के फैसले दरकिनार, पार्षद आज करेंगे फैसला

नगर निगम प्रशासन ने मंगलवार को नया बजट जारी कर दिया। अब इसी बजट पर 15 फरवरी को बोर्ड बैठक में विचार किया जाएगा। इसमें सफाई व अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन-भत्तों के बजट में कमी की गई है। कुल 289.98 करोड़ की आय-व्यय का बजट तैयार किया गया है।
खास बात ये है कि बजट में वित्त समिति के प्रस्तावों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। इस पर विवाद भी शुरू हो गया है। पार्षद बोर्ड बैठक का बहिष्कार भी कर सकते हैं। इस पर बुधवार को होने वाली बैठक में फैसला लिया जाएगा।
वित्त समिति की पिछले दिनों हुई बैठक में निर्माण विभाग का बजट 22 करोड़ से बढ़ाकर 40 करोड़ करने व यूआईटी से मिलने वाली राशि को 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ करने का फैसला किया था। यह कार्रवाई चीफ अकाउंट आफिसर के सामने हुई थी, लेकिन मुख्य बजट में इसे शामिल नहीं किया गया। इस बारे में निर्माण समिति के अध्यक्ष रमेश चतुर्वेदी ने कहा कि सभी पार्षदों की बुधवार को बैठक बुलाई जाएगी। इसमें फैसला करेंगे कि बोर्ड की बजट बैठक में शामिल हुआ जाए या नहीं।
इन पर भी होगा बैठक में फैसला
- दशहरा मैदान को प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित करने के लिए कंसल्टेंट कंपनी आभा नारायण लांबा को 3 करोड़ 95 लाख 10 हजार रुपए में नियुक्त करने पर स्वीकृति ली जाएगी। कंपनी डीपीआर बनाने के साथ ही इसके आगे का भी काम करेगी।
- घर-घर कचरा एकत्रित करने के लिए शहर को तीन भागों में वितरित करके इसकी निविदाएं जारी कर दी हैं। इसमें कोटा उत्तर के लिए 24 करोड़ 82 लाख, दक्षिण के लिए 26 करोड़ 28 लाख तथा लाडपुरा के लिए 21 करोड़ 90 लाख का प्रावधान है। इसे बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।
- शहर में वर्ष 2016-17 के लिए 14 करोड़ 99 लाख 928 रुपए के सफाई ठेकों का भी अनुमोदन करवाया जाएगा।
- शहर में 148 करोड़ 72 लाख रुपए का वेस्ट एनर्जी प्लांट लगाने के लिए निविदाएं जारी हो चुकी हैं। इसका अनुमोदन बैठक में करवाया जाएगा।
- निगम सीमा क्षेत्र में होटल, मेस, रेस्टोरेंट, होस्टल के नए बायलॉज बनाने व लागू करने पर विचार।
- शहर सीमा में कोचिंग एवं स्कूल के रजिस्ट्रेशन व शुल्क के बारे में बायलॉज बनाने पर विचार।
- नाम हस्तांतरण, विक्रय अनापत्ति, बैंक लोन अनुमति, लीज डीड के काफी आवेदन पड़े हैं जिनको मकान में सेटबैक नहीं छोड़े जाने व गलत निर्माण के कारण नियमन नहीं किया गया। इस बारे में अब बैठक में विचार किया जाएगा।

Related posts

Comments Overview

2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked

Refresh