लंबे समय से अटके पड़े सीवरेज प्रोजेक्ट के मामले में आरयूआईडीपी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवीन महाजन ने स्पष्ट कह दिया है कि या तो कंपनी सही तरीके से समय पर काम पूरा करे, नहीं तो उसे ब्लैक लिस्ट कर दो। स्मार्ट सिटी के दूसरे चरण के लिए हुई समीक्षा बैठक में बुधवार को सामने आया कि अभी जो सीवरेज लाइनें डली हैं वो कई जगह से मकानों से ऊपर है, चैंबर तक सड़क से ऊपर बना रखे हैं।
शिकायतों की जांच के लिए जयपुर से टीम भेजी जाएगी। महापौर महेश विजय, आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते और यूआईटी अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। साथ ही नगरीय विकास के प्रमुख शासन सचिव मंजीत सिंह ने कहा कि कोटा को स्मार्ट सिटी के दूसरे चरण में शामिल करवाने के लिए सफाई, हर घर में शौचालय निर्माण एवं विरासत संरक्षण के साथ-साथ आधारभूत सेवाओं की उपलब्धता के लिए नए सिरे से कार्य किया जाएगा।
सीवरेज व्यवस्था पर जताई कड़ी नाराजगी
महाजन और मंजीत सिंह कोटा को स्मार्ट सिटी के अगले चरण में शामिल कराने के लिए होने वाले कार्यों की समीक्षा करने आए थे। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए नगर निगम, यूआईटी, जिला प्रशासन को जनप्रतिनिधियों के सहयोग से आधारभूत कार्यों को प्राथमिकता देनी होगी। हर घर से कचरा संग्रहण, खुले में शौच मुक्त, प्रत्येक परिवार को गैस कनेक्शन, भूमिगत विद्युत लाइन एवं पेयजल वितरण व्यवस्था में सुधार करना होगा। दशहरा मैदान का विकास प्रगति मैदान की तर्ज पर करने, कच्ची बस्तियों के विकास, बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण आधुनिक तकनीक से करने, विरासत संरक्षण, शहरी यातायात एवं सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए कार्य करें। बैठक के बाद प्रमुख शासन सचिव ने किशोरसागर, लक्खी बुर्ज, दशहरा मैदान तथा साजीदेहड़ा एसटीपी का निरीक्षण किया।
निगम व पालिका आय बढ़ाएं: मंजीत सिंह ने कहा कि स्थानीय निकायों को आय बढ़ानी होगी। सफाई वाहनों को आधुनिक बनाएं। संभागीय आयुक्त ओंकार सिंह ने सुझाव दिया कि शहरी क्षेत्रों के जल स्रोतों के रखरखाव एवं सफाई के लिए अभियान चलाया जाए। बैठक में मेयर महेश विजय, कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर, यूआईटी सचिव मोहन लाल यादव के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कोटा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए फिक्की को बनाया कंसल्टेंट
कोटा को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल करने के लिए अब नगर निगम फिक्की की मदद लेगी। इसके लिए नगर निगम आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते ने बुधवार को फिक्की की प्रतिनिधि से एमओयू साइन किया। इससे पहले पूना और जयपुर भी इस संस्था को कंसल्टेंट बना चुका है। हालांकि राज्य सरकार अपने स्तर पर अलग से कंसल्टेंट नियुक्त करेगी। करार के मुताबिक फिक्की कोटा में सीवरेज ट्रीटमेंट, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कैपेसिटी बिल्डिंग, कर्मचारियों को ट्रेनिंग आदि के बारे में सुझाव देगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए निगम को किसी तरह का फायनेंशियल भार नहीं पड़ेगा। फिक्की इसके लिए कोई चार्ज नहीं करेगी।
शिकायतों की जांच के लिए जयपुर से टीम भेजी जाएगी। महापौर महेश विजय, आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते और यूआईटी अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। साथ ही नगरीय विकास के प्रमुख शासन सचिव मंजीत सिंह ने कहा कि कोटा को स्मार्ट सिटी के दूसरे चरण में शामिल करवाने के लिए सफाई, हर घर में शौचालय निर्माण एवं विरासत संरक्षण के साथ-साथ आधारभूत सेवाओं की उपलब्धता के लिए नए सिरे से कार्य किया जाएगा।
सीवरेज व्यवस्था पर जताई कड़ी नाराजगी
महाजन और मंजीत सिंह कोटा को स्मार्ट सिटी के अगले चरण में शामिल कराने के लिए होने वाले कार्यों की समीक्षा करने आए थे। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए नगर निगम, यूआईटी, जिला प्रशासन को जनप्रतिनिधियों के सहयोग से आधारभूत कार्यों को प्राथमिकता देनी होगी। हर घर से कचरा संग्रहण, खुले में शौच मुक्त, प्रत्येक परिवार को गैस कनेक्शन, भूमिगत विद्युत लाइन एवं पेयजल वितरण व्यवस्था में सुधार करना होगा। दशहरा मैदान का विकास प्रगति मैदान की तर्ज पर करने, कच्ची बस्तियों के विकास, बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण आधुनिक तकनीक से करने, विरासत संरक्षण, शहरी यातायात एवं सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए कार्य करें। बैठक के बाद प्रमुख शासन सचिव ने किशोरसागर, लक्खी बुर्ज, दशहरा मैदान तथा साजीदेहड़ा एसटीपी का निरीक्षण किया।
निगम व पालिका आय बढ़ाएं: मंजीत सिंह ने कहा कि स्थानीय निकायों को आय बढ़ानी होगी। सफाई वाहनों को आधुनिक बनाएं। संभागीय आयुक्त ओंकार सिंह ने सुझाव दिया कि शहरी क्षेत्रों के जल स्रोतों के रखरखाव एवं सफाई के लिए अभियान चलाया जाए। बैठक में मेयर महेश विजय, कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर, यूआईटी सचिव मोहन लाल यादव के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कोटा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए फिक्की को बनाया कंसल्टेंट
कोटा को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल करने के लिए अब नगर निगम फिक्की की मदद लेगी। इसके लिए नगर निगम आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते ने बुधवार को फिक्की की प्रतिनिधि से एमओयू साइन किया। इससे पहले पूना और जयपुर भी इस संस्था को कंसल्टेंट बना चुका है। हालांकि राज्य सरकार अपने स्तर पर अलग से कंसल्टेंट नियुक्त करेगी। करार के मुताबिक फिक्की कोटा में सीवरेज ट्रीटमेंट, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कैपेसिटी बिल्डिंग, कर्मचारियों को ट्रेनिंग आदि के बारे में सुझाव देगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए निगम को किसी तरह का फायनेंशियल भार नहीं पड़ेगा। फिक्की इसके लिए कोई चार्ज नहीं करेगी।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai