रेलवे के टिकट बुकिंग विंडो पर अब किराया डिस्प्ले होने के साथ ही अनाउंस भी होगा। इसके लिए फेयर रिपीटर विद अनाउंसमेंट सिस्टम लगाया जाएगा। भारतीय रेलवे के किसी भी रेलवे टिकट बुकिंग विंडो पर इस तरह का सिस्टम नहीं है। इसकी ईजाद भी कोटा रेल मंडल में ही हुई है।
मंडल के 20 रेलवे स्टेशनों के बुकिंग कार्यालयों व कंप्यूटरीकृत आरक्षण केन्द्र की विंडो पर ये सिस्टम लगाए भी जा चुके हैं। कोटा मंडल के सीनियर डीएसटी समन्वय उमेश बलूंदा के नेतृत्व में अब फेयर रिपीटर विद अनाउंसमेंट सिस्टम ईजाद किया गया। इस सिस्टम को सबसे पहले कोटा रेल मंडल के सवाईमाधोपुर रेलवे स्टेशन पर लगाया गया है।
यहां आरक्षित व अनारक्षित टिकट विंडो पर ये सिस्टम लगाया गया है। नया सिस्टम लगने से यात्री डिस्प्ले बोर्ड पर किराया तो देख ही सकता है साथ ही अनाउंसमेंट को सुन भी सकता है। इस सिस्टम को जल्द ही कोटा रेलवे स्टेशन के बुकिंग कार्यालय व पीआरएस पर भी लगाया जाएगा।
केवल 7 हजार का आता है खर्च
इसके लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार किया गया। ये सॉफ्टवेयर कंप्यूटर से डेटा लेकर डिस्प्ले बोर्ड पर किराया दर्शाने के साथ ही किराया भी अनाउंस करता है। एक बुकिंग विंडो पर लगे सिस्टम पर केवल 7 हजार रुपए खर्च होता है।
मंडल के 20 रेलवे स्टेशनों के बुकिंग कार्यालयों व कंप्यूटरीकृत आरक्षण केन्द्र की विंडो पर ये सिस्टम लगाए भी जा चुके हैं। कोटा मंडल के सीनियर डीएसटी समन्वय उमेश बलूंदा के नेतृत्व में अब फेयर रिपीटर विद अनाउंसमेंट सिस्टम ईजाद किया गया। इस सिस्टम को सबसे पहले कोटा रेल मंडल के सवाईमाधोपुर रेलवे स्टेशन पर लगाया गया है।
यहां आरक्षित व अनारक्षित टिकट विंडो पर ये सिस्टम लगाया गया है। नया सिस्टम लगने से यात्री डिस्प्ले बोर्ड पर किराया तो देख ही सकता है साथ ही अनाउंसमेंट को सुन भी सकता है। इस सिस्टम को जल्द ही कोटा रेलवे स्टेशन के बुकिंग कार्यालय व पीआरएस पर भी लगाया जाएगा।
केवल 7 हजार का आता है खर्च
इसके लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार किया गया। ये सॉफ्टवेयर कंप्यूटर से डेटा लेकर डिस्प्ले बोर्ड पर किराया दर्शाने के साथ ही किराया भी अनाउंस करता है। एक बुकिंग विंडो पर लगे सिस्टम पर केवल 7 हजार रुपए खर्च होता है।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai