चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव जेसी मोहंती से कहा कि आपणी योजना के प्रथम चरण से जुड़ने के बाद रतननगर नगरपालिका को आज तक मीठा पानी नहीं मिला।
चिकित्सा मंत्री ने विभाग के प्रमुख शासन सचिव के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र रतननगर में योजना का मीठा पानी तो दीजिए। बाद में एसआर की चर्चा करते हुए राठौड़ ने मोहंती से कहा कि जिले में इतने एसआर (उच्च जलाशय) खराब पड़े है कि आपके अफसर उनकी संख्या ही नहीं बता सकते। उन्हें यह भी पता नहीं है कि कौनसा सही है, कौनसा खराब है।
प्रमुख शासन सचिव शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जलदाय अिधकारियों व जनप्रतिनिधियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में सर्वाधिक शिकायत चिकित्सा मंत्री ने की। उन्होंने कहा कि विभाग ने एसआर बनाकर छोड़ दिए। उसके बाद देखरेख नहीं हुई। उनमें पानी सप्लाई की जांच नहीं की गई। विभागीय अिधकारियों को फुर्सत नहीं है। जिले में सैकड़ों ट्यूबवैल बनाए गए, मगर वे नाकारा हैं, क्योंकि उनमें बिजली कनेक्शन नहीं दिया। गांवों में जीएलआर की हालात ये हैं कि उनमें सूखे होने के कारण लोगों ने घास-फूस भर दिया है।
बैठक में तारानगर विधायक जयनारायण पूनिया, जिला प्रमुख हरलाल सहारण, कलेक्टर अर्चना सिंह, एसपी राहुल बारहठ, विधायक जयनारायण पूनिया, प्रधान, अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजपाल सिंह, पेयजल अभियंता, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे। प्रमुख शासन सचिव ने बाद में विभाग के अिधकारियों की बैठक में बकाया कामों के तत्काल प्रस्ताव बनाकर भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर तत्काल काम करने के निर्देश दिए।
चिकित्सा मंत्री ने विभाग के प्रमुख शासन सचिव के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र रतननगर में योजना का मीठा पानी तो दीजिए। बाद में एसआर की चर्चा करते हुए राठौड़ ने मोहंती से कहा कि जिले में इतने एसआर (उच्च जलाशय) खराब पड़े है कि आपके अफसर उनकी संख्या ही नहीं बता सकते। उन्हें यह भी पता नहीं है कि कौनसा सही है, कौनसा खराब है।
प्रमुख शासन सचिव शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जलदाय अिधकारियों व जनप्रतिनिधियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में सर्वाधिक शिकायत चिकित्सा मंत्री ने की। उन्होंने कहा कि विभाग ने एसआर बनाकर छोड़ दिए। उसके बाद देखरेख नहीं हुई। उनमें पानी सप्लाई की जांच नहीं की गई। विभागीय अिधकारियों को फुर्सत नहीं है। जिले में सैकड़ों ट्यूबवैल बनाए गए, मगर वे नाकारा हैं, क्योंकि उनमें बिजली कनेक्शन नहीं दिया। गांवों में जीएलआर की हालात ये हैं कि उनमें सूखे होने के कारण लोगों ने घास-फूस भर दिया है।
बैठक में तारानगर विधायक जयनारायण पूनिया, जिला प्रमुख हरलाल सहारण, कलेक्टर अर्चना सिंह, एसपी राहुल बारहठ, विधायक जयनारायण पूनिया, प्रधान, अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजपाल सिंह, पेयजल अभियंता, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे। प्रमुख शासन सचिव ने बाद में विभाग के अिधकारियों की बैठक में बकाया कामों के तत्काल प्रस्ताव बनाकर भिजवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर तत्काल काम करने के निर्देश दिए।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai