कोटा मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक मेडिसिन विभाग में फ़र्स्ट ईयर रेजीडेंट डॉ. चंद्रप्रकाश सैनी ने सोमवार रात जयपुर के एक होटल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल से सोमवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे वह निकला था। इसके बाद से मोबाइल स्विच ऑफ था।
जालूपुरा थानाधिकारी राजेश ढाका ने बताया कि मूलत : अलवर जिले के चंद्रप्रकाश ने सोमवार रात 10 बजे सिंधी कैम्प के सामने होटल में कमरा लिया। मंगलवार सुबह 11 बजे तक कमरे के बाहर नहीं आने पर तो होटल मैनेजर व वेटर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गेट तोड़ा तो शव फंदे पर लटका मिला।
मैं जयपुर आ गया हूं, कोई दिक्कत नहीं
साथ में ड्यूटी करने वाले रेजीडेंट राजेश डूडी ने बताया कि सोमवार सुबह हॉस्पिटल से निकलने के बाद वह नहीं लौटा। यूनिट हैड डॉ. अमृत लाल बैरवा ने बताया कि उसके बाद से मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला। एक नर्स के मोबाइल से कॉल कराया तो उसने कॉल रिसीव किया और कहा कि मैं जयपुर आ गया हूं, कोई दिक्कत नहीं।
दो माह पहले हुई थी सगाई
जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से पीजी कर रही मनीषा से चंद्रप्रकाश की सगाई दो माह पहले हुई थी। चंद्रप्रकाश के दो बड़े भाई हैं। उसने एमबीबीएस बड़ोदा मेडिकल कॅालेज से की थी।
ब्रांच को लेकर कंफ्यूज था!
चंद्रप्रकाश डिप्रेशन में था। करीब 2 माह से मनोचिकित्सा विभाग के डॉ. विनोद दरिया के पास इलाज भी चल रहा था। डॉ. दरिया ने उसके साथियों को कहा था कि 24 घंटे निगरानी रखी जाए। वह बार-बार एक ही बात कहता था कि सर मैं ब्रांच को लेकर कंफ्यूज हूं। हालांकि डिप्रेशन के कुछ और कारण भी हो सकते हैं, जिनकी उसने कभी चर्चा नहीं की।
कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर गिरीश वर्मा ने बताया कि यह दुखद घटना है। मुझे यूनिट हैड ने घटना की जानकारी दी है। बताया गया है कि उसका डिप्रेशन का इलाज भी चल रहा था।
जालूपुरा थानाधिकारी राजेश ढाका ने बताया कि मूलत : अलवर जिले के चंद्रप्रकाश ने सोमवार रात 10 बजे सिंधी कैम्प के सामने होटल में कमरा लिया। मंगलवार सुबह 11 बजे तक कमरे के बाहर नहीं आने पर तो होटल मैनेजर व वेटर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गेट तोड़ा तो शव फंदे पर लटका मिला।
मैं जयपुर आ गया हूं, कोई दिक्कत नहीं
साथ में ड्यूटी करने वाले रेजीडेंट राजेश डूडी ने बताया कि सोमवार सुबह हॉस्पिटल से निकलने के बाद वह नहीं लौटा। यूनिट हैड डॉ. अमृत लाल बैरवा ने बताया कि उसके बाद से मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला। एक नर्स के मोबाइल से कॉल कराया तो उसने कॉल रिसीव किया और कहा कि मैं जयपुर आ गया हूं, कोई दिक्कत नहीं।
दो माह पहले हुई थी सगाई
जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से पीजी कर रही मनीषा से चंद्रप्रकाश की सगाई दो माह पहले हुई थी। चंद्रप्रकाश के दो बड़े भाई हैं। उसने एमबीबीएस बड़ोदा मेडिकल कॅालेज से की थी।
ब्रांच को लेकर कंफ्यूज था!
चंद्रप्रकाश डिप्रेशन में था। करीब 2 माह से मनोचिकित्सा विभाग के डॉ. विनोद दरिया के पास इलाज भी चल रहा था। डॉ. दरिया ने उसके साथियों को कहा था कि 24 घंटे निगरानी रखी जाए। वह बार-बार एक ही बात कहता था कि सर मैं ब्रांच को लेकर कंफ्यूज हूं। हालांकि डिप्रेशन के कुछ और कारण भी हो सकते हैं, जिनकी उसने कभी चर्चा नहीं की।
कोटा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर गिरीश वर्मा ने बताया कि यह दुखद घटना है। मुझे यूनिट हैड ने घटना की जानकारी दी है। बताया गया है कि उसका डिप्रेशन का इलाज भी चल रहा था।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai