चायनीज मांझे से रोज कोई न कोई जानलेवा हादसा हो रहा है। बुधवार को बाइक पर जा रहे बुजुर्ग दंपती चायनीज मांझे में उलझकर घायल हो गए। गनीमत यह रही कि चालक बुजुर्ग ने हेलमेट लगा रखा था, नहीं तो गर्दन कट जाती। नजदीक के अस्पताल में जाकर उन्होंने इलाज करवाया।
श्रीनाथपुरम निवासी मनीष सोलंकी ने बताया कि उसके पिता भंवरसिंह व मां भंवरी देवी बाइक से आ रहे थे, तभी संतोषीनगर चौराहे के पास कुछ बच्चे पतंग उड़ाते हुए आए। उनका मांझा पिता की गर्दन में उलझ गया। हेलमेट पहने होने से वे बाल-बाल बच गए, गले पर लगी हेलमेट की पट्टी भी मांझे से कट गई। हालांकि मां की उंगलियां मांझे में उलझने से कट गई। दोनों को पास के निजी अस्पताल में ले जाना पड़ा।
301 चकरी जब्त की
इधर, निगम की टीम ने तलवंडी व संतोषीनगर चौराहे के पास दुकानों से 301 चकरी चायनीज मांझे की जब्त की हैं। प्रभारी राकेश व्यास ने बताया के उन्हें तलवंडी में देवेन्द्र पतंग वाले के यहां चायनीज मांझा होने की सूचना मिली थी, इस पर वहां छापा मारा गया। उसके पास तो नहीं मिला लेकिन, छत पर जांच की तो वहां चायनीज मांजे की चकरियां मिलीं।
जिम्मेदारी परिजनों की, बच्चों को रोकें
चायनीज मांझा किसी की जान ले सकता है। आमतौर पर बच्चे इस चीज को नहीं समझते। ऐसे में परिजनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों को चायनीय मांझे के खतरों को बताएं और इसका उपयोग करने से रोकें। इसे बेचते हुए दिखने पर उसकी सूचना नगर निगम में प्रभारी राकेश व्यास को 98294-29729 पर दें।
श्रीनाथपुरम निवासी मनीष सोलंकी ने बताया कि उसके पिता भंवरसिंह व मां भंवरी देवी बाइक से आ रहे थे, तभी संतोषीनगर चौराहे के पास कुछ बच्चे पतंग उड़ाते हुए आए। उनका मांझा पिता की गर्दन में उलझ गया। हेलमेट पहने होने से वे बाल-बाल बच गए, गले पर लगी हेलमेट की पट्टी भी मांझे से कट गई। हालांकि मां की उंगलियां मांझे में उलझने से कट गई। दोनों को पास के निजी अस्पताल में ले जाना पड़ा।
301 चकरी जब्त की
इधर, निगम की टीम ने तलवंडी व संतोषीनगर चौराहे के पास दुकानों से 301 चकरी चायनीज मांझे की जब्त की हैं। प्रभारी राकेश व्यास ने बताया के उन्हें तलवंडी में देवेन्द्र पतंग वाले के यहां चायनीज मांझा होने की सूचना मिली थी, इस पर वहां छापा मारा गया। उसके पास तो नहीं मिला लेकिन, छत पर जांच की तो वहां चायनीज मांजे की चकरियां मिलीं।
जिम्मेदारी परिजनों की, बच्चों को रोकें
चायनीज मांझा किसी की जान ले सकता है। आमतौर पर बच्चे इस चीज को नहीं समझते। ऐसे में परिजनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों को चायनीय मांझे के खतरों को बताएं और इसका उपयोग करने से रोकें। इसे बेचते हुए दिखने पर उसकी सूचना नगर निगम में प्रभारी राकेश व्यास को 98294-29729 पर दें।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai