स्मार्ट सिटी के लिए भेजी गई रिपोर्ट की सत्यता जांचने व सर्वे करने के लिए शहरी विकास मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम कोटा पहुंची है। इसके दो सदस्यों ने मंगलवार को अलग-अलग इलाकों में जांच की। टीम प्रभारी सीनियर विश्लेषक तनु भंडारी के साथ प्रेमसिंह राठौर व अशोक कुमार वर्मा आए हैं।
टीम के दो सदस्यों ने कुन्हाड़ी व शिवपुरा की कच्ची बस्ती में पहुंचकर डवलप कॉॅलोनी सिविल लाइंस व इंद्राविहार का भी अवलोकन किया। ग्रामीण परिवेश के रूप में करणीमाता मंदिर नांता व राधाकृष्ण मंदिर तलवंडी को देखा। शौचालय के लिए आर्यसमाज रोड, घंटाघर, तलवंडी व दादाबाड़ी की व्यवस्थाएं देखी। बाजार के रूप में विज्ञाननगर व अग्रसेन बाजार का अवलोकन किया। टीम 7 तारीख तक सर्वे करेगी। इसके बाद रिपोर्ट मंत्रालय को देगी, जो गोपनीय होगी। टीम प्रभारी निगम कार्यालय में रिकॉर्ड खंगाल रही हैं निगम ने जो नंबर दिए हैं, वे सही हैं। जिस कार्य में उन्होंने 10 में से 8 नंबर दिए हैं, उसकी ऐसी व्यवस्था कोटा में है या नहीं।
2000 नंबर का है सर्वे
सर्वे 65 वार्डों को 4 जोन में बांटकर हो रहा है। दो हजार नंबर निर्धारित हैं। प्रचार प्रभारी हेमलता गांधी ने बताया कि एक हजार नंबर भेजे गए प्रफोर्मा के वेरीफिकेशन के हैं। जिसे स्वयं प्रभारी तनु भंडारी कर रही हैं। जिस मद में 10 में से 8 व 10 नंबर दिए हैं, उसके आधार का वेरीफिकेशन हो रहा है। 500 नंबर सर्वे से निर्धारित होंगे। जिसमें कच्ची बस्तियों और कचरे की स्थिति, शहर की कॉॅलोनी की हालत, धार्मिक स्थान, बाजार, पब्लिक टॉयलेट, तबेले, कचरा पाइंट, वेजीटेबल बाजार शामिल हैं। 500 नंबर के लिए मंत्रालय से ही शहर के 10 हजार लोगों काे टेलीफोन करके स्मार्ट सिटी के बारे में जानकारी लेने के होंगे।
टीम के दो सदस्यों ने कुन्हाड़ी व शिवपुरा की कच्ची बस्ती में पहुंचकर डवलप कॉॅलोनी सिविल लाइंस व इंद्राविहार का भी अवलोकन किया। ग्रामीण परिवेश के रूप में करणीमाता मंदिर नांता व राधाकृष्ण मंदिर तलवंडी को देखा। शौचालय के लिए आर्यसमाज रोड, घंटाघर, तलवंडी व दादाबाड़ी की व्यवस्थाएं देखी। बाजार के रूप में विज्ञाननगर व अग्रसेन बाजार का अवलोकन किया। टीम 7 तारीख तक सर्वे करेगी। इसके बाद रिपोर्ट मंत्रालय को देगी, जो गोपनीय होगी। टीम प्रभारी निगम कार्यालय में रिकॉर्ड खंगाल रही हैं निगम ने जो नंबर दिए हैं, वे सही हैं। जिस कार्य में उन्होंने 10 में से 8 नंबर दिए हैं, उसकी ऐसी व्यवस्था कोटा में है या नहीं।
2000 नंबर का है सर्वे
सर्वे 65 वार्डों को 4 जोन में बांटकर हो रहा है। दो हजार नंबर निर्धारित हैं। प्रचार प्रभारी हेमलता गांधी ने बताया कि एक हजार नंबर भेजे गए प्रफोर्मा के वेरीफिकेशन के हैं। जिसे स्वयं प्रभारी तनु भंडारी कर रही हैं। जिस मद में 10 में से 8 व 10 नंबर दिए हैं, उसके आधार का वेरीफिकेशन हो रहा है। 500 नंबर सर्वे से निर्धारित होंगे। जिसमें कच्ची बस्तियों और कचरे की स्थिति, शहर की कॉॅलोनी की हालत, धार्मिक स्थान, बाजार, पब्लिक टॉयलेट, तबेले, कचरा पाइंट, वेजीटेबल बाजार शामिल हैं। 500 नंबर के लिए मंत्रालय से ही शहर के 10 हजार लोगों काे टेलीफोन करके स्मार्ट सिटी के बारे में जानकारी लेने के होंगे।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai