कोटा यूनिवर्सिटी में कमरों को लेकर विभागों के प्रोफेसर्स और एसोसिएट प्रोफेसर्स के बीच की खींचातानी के बाद अब यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष लोकेश गुंजल से भी कमरों का मोह नहीं छूट रहा है। अब तक बने सभी छात्रसंघ अध्यक्षों को यूनिवर्सिटी प्रशासन एकेडमिक ब्लाॅक में ही छात्रों की समस्याओं को सुनने के लिए एक अच्छा खासा रूम दिया करता था।
लेकिन निर्विरोध अध्यक्ष बने गुंजल ने एकेडमिक ब्लाॅक के साथ-साथ एकेडमिक ब्लाॅक में भी एक रूम हासिल कर लिया है। हालांकि इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि दोनों ब्लाॅक में अलग-अलग तरह स्टूडेंट्स अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लाॅक में छात्रसंघ अध्यक्ष और महासचिव को ऑफिस के लिए रूम दिया गया है। दोनों के कमरे आमने सामने बने हैं। फर्नीचर भी कमरे में लगा हुआ है।
लग्जरी के नाम यहां पर एयर कंडिशनर भी लगा है। एकेडमिक ब्लाॅक में पहली फ्लोर पर एक क्लासरूम को ही ऑफिस बना दिया गया है, वहां पर छात्रसंघ अध्यक्ष की कुर्सी और छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर दिया गया है। यहां पर कमरा आवंटित होने के बावजूद छात्रसंघ अध्यक्ष बहुत कम ही वहां नजर आते हैं। दूसरी ओर, अभी तक यूनिवर्सिटी के बच्चों के सामने क्लासरूम की समस्या बनी हुई है।
कम नहीं हो रही छात्रों की समस्या
यहां के छात्रों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न कॉलेजों में प्रिंसिपल को कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। पानी की समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ। क्लासरूम और साफ सफाई की समस्या से भी स्टूडेंट्स जूझ रहे हैं।
कोटा यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष लोकेश गुंजल ने बताया कि एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लाॅक में प्राइवेट और एकेडमिक में रेगुलर स्टूडेंट्स आते हैं। प्राइवेट वालों को वहां बुलाना सही नहीं है। इसीलिए दोनों जगह रूम लिए हैं। छात्रों के जल मंदिर तैयार हैं। इसी माह शुरू कर दिया जाएगा। क्लासरूम की बात है तो बच्चों की संख्या कम होने के कारण वे फैकल्टी में रूम में बैठते हैं।
कोटा यूनिवर्सिटी के पीआरओ डॉक्टर धनश्याम शर्मा ने बताया कि छात्रसंघ अध्यक्ष की मांग आई थी कि उसको एकेडमिक ब्लाॅक में भी एक कमरा चाहिए। जरूरत के मुताबिक उसको कमरा उपलब्ध करवा दिया गया है
लेकिन निर्विरोध अध्यक्ष बने गुंजल ने एकेडमिक ब्लाॅक के साथ-साथ एकेडमिक ब्लाॅक में भी एक रूम हासिल कर लिया है। हालांकि इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि दोनों ब्लाॅक में अलग-अलग तरह स्टूडेंट्स अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लाॅक में छात्रसंघ अध्यक्ष और महासचिव को ऑफिस के लिए रूम दिया गया है। दोनों के कमरे आमने सामने बने हैं। फर्नीचर भी कमरे में लगा हुआ है।
लग्जरी के नाम यहां पर एयर कंडिशनर भी लगा है। एकेडमिक ब्लाॅक में पहली फ्लोर पर एक क्लासरूम को ही ऑफिस बना दिया गया है, वहां पर छात्रसंघ अध्यक्ष की कुर्सी और छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर दिया गया है। यहां पर कमरा आवंटित होने के बावजूद छात्रसंघ अध्यक्ष बहुत कम ही वहां नजर आते हैं। दूसरी ओर, अभी तक यूनिवर्सिटी के बच्चों के सामने क्लासरूम की समस्या बनी हुई है।
कम नहीं हो रही छात्रों की समस्या
यहां के छात्रों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न कॉलेजों में प्रिंसिपल को कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। पानी की समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ। क्लासरूम और साफ सफाई की समस्या से भी स्टूडेंट्स जूझ रहे हैं।
कोटा यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष लोकेश गुंजल ने बताया कि एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लाॅक में प्राइवेट और एकेडमिक में रेगुलर स्टूडेंट्स आते हैं। प्राइवेट वालों को वहां बुलाना सही नहीं है। इसीलिए दोनों जगह रूम लिए हैं। छात्रों के जल मंदिर तैयार हैं। इसी माह शुरू कर दिया जाएगा। क्लासरूम की बात है तो बच्चों की संख्या कम होने के कारण वे फैकल्टी में रूम में बैठते हैं।
कोटा यूनिवर्सिटी के पीआरओ डॉक्टर धनश्याम शर्मा ने बताया कि छात्रसंघ अध्यक्ष की मांग आई थी कि उसको एकेडमिक ब्लाॅक में भी एक कमरा चाहिए। जरूरत के मुताबिक उसको कमरा उपलब्ध करवा दिया गया है
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai