अक्सर बीमार को इलाज के लिए बेहतर हॉस्पिटल की तलाश होती है लेकिन अगर बीमार को पता चले कि वह जिस हॉस्पिटल में जा रहा है वहां की सीरिंग को दीमक खा जाते हैं और जिस बेड में मरीज को लिटाया जाता है उसमें खटमल की भरमार है तो क्या वो जाएगा। कुछ ऐसा ही हाल है कोटा के जेकेलोन हॉस्पिटल का।
ये बिलकुल सच है। मंगलवार को हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने बताया कि टीकाकरण केंद्र पर सरकारी सप्लाई में आई बीसीजी वैक्सीन की सीरिंज को दीमक खा गई। उन्होंने बताया कि करीब दस दिन पहले ये सप्लाई आई थी। अब खोलकर देखा तो दो डिब्बों में दीमक लगी मिली। इन्हें यूज नहीं कर रहे, एक तरफ रखवा दिया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
आरसीएचओ डॉ. आरके लवानिया ने बताया कि सीरिंज की सप्लाई जयपुर से होती है। एक-एक डिब्बे को खोलकर नहीं देखा जा सकता। यहां दीमक लगने का कोई सवाल ही नहीं। मैं इन डिब्बों के बैच नंबर लेता हूं, पूरे बैच की ही सप्लाई रुकवा दूंगा।
मरीज के बेड से निकले खटमल
हॉस्पिटल के गायनी-सी वार्ड में छावनी के अनवार रजा ने बताया कि उनकी पत्नी वार्ड में भर्ती हैं। रात को वहां कुछ खटमल दिखे तो उनकी अम्मी ने जानकारी दी। पलंग, गद्दों व चादरों में ढूंढ़कर दर्जनभर से ज्यादा खटमल निकाले और शीशी में भरकर अधिकारियों को दिखाए। शिकायत के बाद वार्ड में स्प्रे कराया। इसकी शिकायत के बाद हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. आरके गुलाटी ने बताया कि ऐसी शिकायत पहली बार आई है। ज्यादातर बाहर से कपड़े, चादर लाए जाते हैं, उनमें भी खटमल हो सकते हैं। फिर भी हमने दवा का छिड़काव कराया है।
ये बिलकुल सच है। मंगलवार को हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने बताया कि टीकाकरण केंद्र पर सरकारी सप्लाई में आई बीसीजी वैक्सीन की सीरिंज को दीमक खा गई। उन्होंने बताया कि करीब दस दिन पहले ये सप्लाई आई थी। अब खोलकर देखा तो दो डिब्बों में दीमक लगी मिली। इन्हें यूज नहीं कर रहे, एक तरफ रखवा दिया।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
आरसीएचओ डॉ. आरके लवानिया ने बताया कि सीरिंज की सप्लाई जयपुर से होती है। एक-एक डिब्बे को खोलकर नहीं देखा जा सकता। यहां दीमक लगने का कोई सवाल ही नहीं। मैं इन डिब्बों के बैच नंबर लेता हूं, पूरे बैच की ही सप्लाई रुकवा दूंगा।
मरीज के बेड से निकले खटमल
हॉस्पिटल के गायनी-सी वार्ड में छावनी के अनवार रजा ने बताया कि उनकी पत्नी वार्ड में भर्ती हैं। रात को वहां कुछ खटमल दिखे तो उनकी अम्मी ने जानकारी दी। पलंग, गद्दों व चादरों में ढूंढ़कर दर्जनभर से ज्यादा खटमल निकाले और शीशी में भरकर अधिकारियों को दिखाए। शिकायत के बाद वार्ड में स्प्रे कराया। इसकी शिकायत के बाद हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. आरके गुलाटी ने बताया कि ऐसी शिकायत पहली बार आई है। ज्यादातर बाहर से कपड़े, चादर लाए जाते हैं, उनमें भी खटमल हो सकते हैं। फिर भी हमने दवा का छिड़काव कराया है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai