माना क्षेत्र की घोड़ा पछाड़ नदी पर बने एक्वाडक्ट की टूटी दीवार और पिलर को बनाने के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया चल रही है और मौके पर एक एजेंसी ने पहले ही काम शुरू कर दिया। 25 लाख रुपए में होने वाले काम के टेंडर 4 जनवरी को खुलने थे, लेकिन सोमवार को इसकी तारीख 7 जनवरी तक बढ़ा दी गई। जल संसाधन विभाग की ओर से शॉर्ट निविदा 27 दिसंबर को जारी की गई थी।
29 दिसंबर से 3 जनवरी तक आवेदन मांगे थे, 4 जनवरी को निविदाएं खोली जानी थीं। जबकि, टेंडर खुलने से 3 दिन पहले ही विभाग के इंजीनियर्स ने कोटा की गुडविल एजेंसी को काम दे दिया। कंपनी ने भी काम शुरू कर दिया।
जल संसाधन परियोजना एक्सईन देवराज शर्मा ने बताया कि काम को जल्दी करवाना था, इसलिए निविदा के पहले का काम किसी दूसरे ठेकेदार से करवा रहे हैं। ताकि समय पर काम हो जाए। इसमें देरी होगी तो लोगों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पाएगा। अभी किसी कंपनी को ठेका नहीं दिया गया है।
जल संसाधन विभाग के एसई राजसिंह राठौड़ ने बताया कि मैं अभी बाहर हूं, वहां आने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
जवाब बदलते रहे एक्सईएन
टेंडर खुलने से पहले ही काम शुरू होने का मामला खुलते ही एक्सईएन व अन्य इंजीनियर्स बहाने करने लगे हैं। एक्सईएन देवराज शर्मा पहले बोले कि फर्म से थोड़ा सा काम करवाया जा रहा है। इमरजेंसी फंड से दो लाख का काम करवा रहे हैं। बाद में बोले कि यहां तो कोई काम करना ही नहीं चाहता, बड़ी मुश्किल से इस फर्म को लाए हैं। फिर सफाई दी कि अभी ठेका नहीं दिया। टेंडर के बारे में पूछने पर बोले कि उसकी तारीख तीन दिन बढ़ा दी है। कारण पूछा तो नियमों का हवाला दिया, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। इस बारे में जब निर्माण कंपनी के पंकज सेठी से बात की तो उन्होंने कोई जवाब दिए बिना ही फोन बंद कर दिया।
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