एमबीएस अस्पताल में हुए कैश काउंटर घोटाले में 9 महीने बाद पुलिस ने दो संविदाकर्मियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी अनूप रतन भटनागर के अलावा काउंटर पर काम करने वाली श्वेता महादेवन हैं।
कोर्ट ने अनूप को 4 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया, जबकि श्वेता को जेल भेज दिया। जांच अधिकारी एएसआई लोकेश्वर सिंह ने बताया कि पूरे घोटाले का सूत्रधार सिविल लाइन निवासी अनूप है, उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था। उससे पूछताछ के बाद श्वेता को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।
निजी अस्पताल में भर्ती रोगियों से एमबीएस ब्लड बैंक से रक्त देने पर प्रति यूनिट 850 रुपए लिए जाते हैं। इसकी कैश काउंटर पर रसीद कटती है। इसी के आधार पर रोगी को ब्लड बैंक से ब्लड इश्यू किया जाता है। कैश काउंटर पर बैठने वाले उक्त कर्मचारियों ने सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर राशि शून्य दर्शाई, जबकि रोगी से 850 रुपए लेते रहे। अस्पताल प्रशासन ने कमेटी बनाकर जांच कराई। 3 माह की रसीदों की जांच में ही 1 लाख 79 हजार 350 रुपए का गबन सामने आया।
दोनों को पता थे पासवर्ड: जांच अधिकारी ने बताया कि सॉफ्टेवयर के पासवर्ड सिर्फ अनूप को पता थे। उसी ने बताया कि पासवर्ड उसने श्वेता को भी बता रखे थे। इसके अलावा गिरिराज मीणा, अनिल मेहरा, आनंद भटनागर, कुदरत सिंह हाड़ा, नरेंद्र सिंह, और सीमा के खिलाफ भी मामला दर्ज है।
कोर्ट ने अनूप को 4 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया, जबकि श्वेता को जेल भेज दिया। जांच अधिकारी एएसआई लोकेश्वर सिंह ने बताया कि पूरे घोटाले का सूत्रधार सिविल लाइन निवासी अनूप है, उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था। उससे पूछताछ के बाद श्वेता को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।
निजी अस्पताल में भर्ती रोगियों से एमबीएस ब्लड बैंक से रक्त देने पर प्रति यूनिट 850 रुपए लिए जाते हैं। इसकी कैश काउंटर पर रसीद कटती है। इसी के आधार पर रोगी को ब्लड बैंक से ब्लड इश्यू किया जाता है। कैश काउंटर पर बैठने वाले उक्त कर्मचारियों ने सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर राशि शून्य दर्शाई, जबकि रोगी से 850 रुपए लेते रहे। अस्पताल प्रशासन ने कमेटी बनाकर जांच कराई। 3 माह की रसीदों की जांच में ही 1 लाख 79 हजार 350 रुपए का गबन सामने आया।
दोनों को पता थे पासवर्ड: जांच अधिकारी ने बताया कि सॉफ्टेवयर के पासवर्ड सिर्फ अनूप को पता थे। उसी ने बताया कि पासवर्ड उसने श्वेता को भी बता रखे थे। इसके अलावा गिरिराज मीणा, अनिल मेहरा, आनंद भटनागर, कुदरत सिंह हाड़ा, नरेंद्र सिंह, और सीमा के खिलाफ भी मामला दर्ज है।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai