कोचिंग नगरी में स्टूडेंट के सुसाइड के मामले बढ़ रहे हैं, कौन जिम्मेदार है। सवाल पर विधायक भवानसिंह राजावत ने कहा कि यह शहर के लिए बहुत गंभीर मामला है। वह बच्चों के सुसाइड करने के लिए उनके अभिभावकों को जिम्मेदार मानते हैं।
वह कोचिंग संस्थाओं को आत्महत्या करने के लिए जिम्मेदार नहीं मानते। विधायक ने कहा कि बच्चों के नंबर कम जाते हैं, कोचिंग रिपोर्ट घर पर नेगेटिव जाती है, तो अभिभावक प्रताड़ित करते हैं। इससे स्टूडेंट मानसिक अवसाद में जाते हैं। बच्चे घरवालों के सामने जाने से डरते हैं कि वह कैसे उन्हें मुंह दिखाएंगे। इस कारण अवसाद में आए बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। विधायक ने कोचिंग संस्थानों का बचाव करते हुए कहा कि वह, समय-समय पर बच्चों की मनोस्थिति को टटोलें। सामूहिक रूप से उन्हें एकत्रित कर, अच्छी तरह से मागदर्शन करें ताकि वह जीवन को आत्मविश्वास के साथ जी सकें।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते गृहमंत्री कटारिया।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते गृहमंत्री कटारिया।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai