उद्‌घाटन की रस्म को खेलों के बराबर मानते हैं प्रभारी मंत्री

उद्‌घाटन की रस्म को खेलों के बराबर मानते हैं प्रभारी मंत्री

उद्‌घाटन की रस्म को खेलों के बराबर मानते हैं प्रभारी मंत्री

 श्रीनाथपुरम में 15.85 करोड़ का स्टेडियम बनकर तैयार हुए करीब 5 माह हो गए, लेकिन उद्‌घाटन की रस्म अदायगी न होने से खिलाड़ियों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। वहां अत्याधुनिक सुविधाएं हैं लेकिन ताले लगे होने से धूल जम रही है।
सीएम का कार्यक्रम तय न हो पाने की वजह से इसका उद्‌घाटन बार-बार टल रहा है। वहीं, जिले के प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी का मानना है कि खेल और उद्‌घाटन दोनों ही जरूरी हैं। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को वहां खेलने से किसी ने रोका तो नहीं। वे पहले एक बार दिखवाएंगे कि काम पूरा हुआ भी है या नहीं।
खेल बड़ा या रस्म अदायगी: औपचारिकता तो होती रहेगी खेलने तो दो
भास्कर ने श्रीनाथपुरम स्टेडियम का उद्‌घाटन नहीं होने के कारण शुरू हो पाने के मामले में मंगलवार को जिले के प्रभारी मंत्री व खिलाड़ियों से एक ही सवाल किया- खेल बड़ा या रस्म अदायगी। इस उनके जवाब इस तरह से आए।
खेलने से किसी ने मना तो नहीं किया खेल और उद्‌घाटन दोनों ही बड़े हैं। खेलने से किसी ने रोका तो नहीं। वैसे इसका उद्‌घाटन सीएम को करना है, पहले मैं दिखवाता हूं कि स्टेडियम कंप्लीट हुआ या नहीं। उसके बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
- प्रभुलाल सैनी, प्रभारी मंत्री कोटा
उद्‌घाटन करवाना इतना ही जरूरी है तो उसे बाद में किसी टूर्नामेंट के दौरान भी करवाया जा सकता है। कम से कम सुविधा तो मिलना शुरू हो।
- ललित यादव, उपाध्यक्ष, कोटा जिला क्रिकेट संघ
खेल सुविधा शुरू होनी चाहिए, उद्‌घाटन की जरूरत नहीं है। ये तो बाद में भी हो सकता है। - सचिन मालव, नेशनल प्लेयर
जो खिलाड़ी प्रैक्टिस करने दूर जा रहे हैं, उन्हें यहां प्रैक्टिस तो करने दो। उद्‌घाटन जरूरी नहीं है।
- तनु जोशी, हॉकी प्लेयर
^यदि उद्‌घाटन इतना ही जरूरी है और जनप्रतिनिधियों को समय नहीं मिल रहा तो किसी खिलाड़ी से उद्‌घाटन करवा लेना चाहिए। - मुकेश गुप्ता, क्रिकेट प्लेयर
जोधपुर से ले सकते हैं सीख
- जोधपुर में दो माह पूर्व एम्स की ओपीडी के उद्‌घाटन का मुद्दा उठा था। उस समय अस्पताल प्रशासन ने तय किया कि उद्‌घाटन की बजाय इलाज को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद वहां पर ओपीडी शुरू किया गया। बाद में उद्‌घाटन की औपचारिकता पूरी की गई।
-जोधपुर आईआईटी का उद्घाटन करवाना था तो वहां के प्रशासन ने तय किया कि इसका उद्‌घाटन किसी जनप्रतिनिधि की बजाय छात्रों व कर्मचारियों से करवाया जाएगा। उद्‌घाटन पट्टिका पर भी छात्रों और कर्मचारियों का नाम ही दर्ज है।
इधर, 7 साल से अधूरा पड़ा है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
शहर के नयापुरा स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 7 साल से अधूरा है। इस स्टेडियम के दूसरे चरण का काम अभी भी शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए 18.69 करोड़ खर्च किए जाने थे। लेकिन प्रथम चरण में केवल 5 करोड़ रुपए खर्च कर काम बंद कर दिया गया। दूसरे फेज का काम यूआईटी ने 7 साल के बाद भी शुरू नहीं करवाया है। दूसरे चरण में पवेलियन का विस्तार, खिलाड़ियों के बैठने के लिए हॉल व अन्य काम करवाया जाना था। यह अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
वहीं, यूआईटी सचिव मोहनलाल यादव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के दूसरे चरण का काम शुरू करने के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। स्टेडियम के दूसरे चरण में अब कितना खर्च होगा ये भी देखा जाएगा।

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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