बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहा ड्राइवर सोमवार सुबह नांता नहर में फूल विसर्जित करते समय पैर फिसलने से बह गया। लोगों ने उसे बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।
निगम गोताखोरों द्वारा दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद भी उसका पता नहीं लग सका। मंगलवार को फिर उसकी तलाश की जाएगी। पुलिस ने बताया कि महावीर नगर द्वितीय निवासी अखिलेश शर्मा (34) कुन्हाड़ी से बच्चों को वैन में बैठाकर महावीर नगर विस्तार योजना स्थित निजी स्कूल में छोड़ने जा रहा था।
वो एक बच्चे को लेने के लिए नांता नहर की तरफ गया तो वहां नहर में फूल विसर्जित करने चला गया। जहां फूल डालने के बाद वो अचानक पैर फिसलने के कारण नहर में बह गया। नहर के पास से गुजर रहे राहगीरों ने उसे बचाने का प्रयास किया। लोगों ने शॉल व अन्य कपड़े नहर में डालकर उसे बहने से रोकने की कोशिश की, लेकिन नहर में तेज बहाव के कारण शर्मा को बचाया नहीं जा सका।
सूचना पर गोताखोर विष्णु शृंगी के नेतृत्व में टीम ने शर्मा की दिनभर तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। हादसे के समय वैन में 5 बच्चे बैठे थे। वे भी ड्राइवर को बहते देख घबरा गए और लोगों को मदद के लिए बुलाया।
निगम गोताखोरों द्वारा दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद भी उसका पता नहीं लग सका। मंगलवार को फिर उसकी तलाश की जाएगी। पुलिस ने बताया कि महावीर नगर द्वितीय निवासी अखिलेश शर्मा (34) कुन्हाड़ी से बच्चों को वैन में बैठाकर महावीर नगर विस्तार योजना स्थित निजी स्कूल में छोड़ने जा रहा था।
वो एक बच्चे को लेने के लिए नांता नहर की तरफ गया तो वहां नहर में फूल विसर्जित करने चला गया। जहां फूल डालने के बाद वो अचानक पैर फिसलने के कारण नहर में बह गया। नहर के पास से गुजर रहे राहगीरों ने उसे बचाने का प्रयास किया। लोगों ने शॉल व अन्य कपड़े नहर में डालकर उसे बहने से रोकने की कोशिश की, लेकिन नहर में तेज बहाव के कारण शर्मा को बचाया नहीं जा सका।
सूचना पर गोताखोर विष्णु शृंगी के नेतृत्व में टीम ने शर्मा की दिनभर तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। हादसे के समय वैन में 5 बच्चे बैठे थे। वे भी ड्राइवर को बहते देख घबरा गए और लोगों को मदद के लिए बुलाया।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai