एक 8 वर्षीय मासूम ने पहले ज्यादती की पीड़ा सही, फिर अस्पताल ने उसे भर्ती न करके 5 घंटे तक उससे भी भयानक दर्द दिया। मामला कोटा के जेके लोन अस्पताल का है, जहां ज्यादती पीड़ित इस बालिका को मेडिकल करवाने के लिए 5 घंटे चक्कर कटवाए गए। मानवीय संवेदनाएं झकझोर देने वाली यह घटना बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को हुई।
सुबह करीब 9 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने टॉफी देने का लालच देकर मासूम को अपने पास बुलाया और खदानों में ले जाकर ज्यादती की। घटना के बाद डाबी पुलिस बच्ची को लेकर डाबी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर गई। वहां महिला चिकित्सक नहीं होने से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कराने के लिए कोटा रेफर कर दिया।
डाबी के एएसआई हंसराज मीणा बालिका को लेकर दोपहर करीब 3 बजे कोटा के जेके लोन अस्पताल आए तो डॉक्टरों ने मासूम का मेडिकल करने से साफ इनकार कर दिया। बोले- तुम डाबी से क्यों आ गए? वापस वहां जाओ और वहीं मेडिकल करवाओ। मीणा ने फोन पर डाबी संपर्क किया तो डाबी के डॉक्टर बोले कि मेडिकल कोटा में ही होगा। दोनों अस्पताल की इस लड़ाई में शाम 6 बज गया।
मीणा ने बूंदी डीएसपी भंवरसिंह शेखावत से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। शेखावत ने जेके लोन अस्पताल अधीक्षक डॉ.आरके गुलाटी से बात की तो मीणा मासूम को परिजनों सहित लेकर उनके घर पहुंच गए। इसके बाद गुलाटी के निर्देश पर रात 8 बजे के बाद बच्ची का मेडिकल हुआ और उसे अलग से वार्ड में भर्ती किया गया। बाद में गुलाटी खुद अस्पताल पहुंचे और बच्ची के इलाज की जानकारी ली। बच्ची व उसके परिजनों के लिए कपड़े व खानपान की व्यवस्थाएं भी कराईं।
प्रसंज्ञान लेगा महिला आयोग
राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि आयोग इस पर प्रसंज्ञान लेगा और पूरे मामले की विस्तृत जांच कराएगा। मैंने एसपी, सीएमएचओ व संबंधित डॉक्टरों से बात की है। संभाग स्तर के अस्पताल में यदि ऐसा है तो यह गंभीर है।
ड्यूटी डॉक्टर ने मना कर दिया था, अधीक्षक के घर तक पहुंचे : पुलिस
डाबी एएसआई हंसराज मीणा ने बताया कि वे दोपहर 3 बजे से अस्पताल में चक्कर काट रहा था, रात 8 बजे बाद मासूम का मेडिकल हो सका। उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद मैं अधीक्षक के घर गया, तब जाकर हमारी सुनवाई हुई। ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक ने मेडिकल करने से साफ मना कर दिया।
अधीक्षक को रिपोर्ट दे दी : ड्यूटी डॉक्टर
गायनी विभाग के ड्यूटी डॉक्टर, सुंबुल अली ने बताया कि बच्ची को लाया गया था, लेकिन मैं आपको कुछ नहीं बता पाऊंगी। मैंने पूरी रिपोर्ट अधीक्षक को दे दी। इससे आगे वे ही कुछ बता पाएंगे।
कड़ी कार्रवाई करूंगा : अधीक्षक
जेकेलोन अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर आरके गुलाटी ने बताया कि मुझे करीब 7 बजे इस मामले की जानकारी मिली थी। उसके 15 मिनट बाद बच्ची को मैंने शिशु रोग विभाग में भर्ती कर लिया। वैसे बच्ची स्टेबल है, मैं खुद भी उसे देखकर आया हूं। उसकी मां ने मुझे यही बताया कि घर पर छोटे बच्चे हैं, इसलिए हम भर्ती नहीं होना चाहते थे। बच्ची को गायनी विभाग की ड्यूटी डॉक्टर को दिखाया था। उन्होंने मुझे बताया तक नहीं। मैंने उनसे पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। दोषी मिलने पर कड़ी कार्रवाई करूंगा।
सुबह करीब 9 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने टॉफी देने का लालच देकर मासूम को अपने पास बुलाया और खदानों में ले जाकर ज्यादती की। घटना के बाद डाबी पुलिस बच्ची को लेकर डाबी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर गई। वहां महिला चिकित्सक नहीं होने से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कराने के लिए कोटा रेफर कर दिया।
डाबी के एएसआई हंसराज मीणा बालिका को लेकर दोपहर करीब 3 बजे कोटा के जेके लोन अस्पताल आए तो डॉक्टरों ने मासूम का मेडिकल करने से साफ इनकार कर दिया। बोले- तुम डाबी से क्यों आ गए? वापस वहां जाओ और वहीं मेडिकल करवाओ। मीणा ने फोन पर डाबी संपर्क किया तो डाबी के डॉक्टर बोले कि मेडिकल कोटा में ही होगा। दोनों अस्पताल की इस लड़ाई में शाम 6 बज गया।
मीणा ने बूंदी डीएसपी भंवरसिंह शेखावत से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। शेखावत ने जेके लोन अस्पताल अधीक्षक डॉ.आरके गुलाटी से बात की तो मीणा मासूम को परिजनों सहित लेकर उनके घर पहुंच गए। इसके बाद गुलाटी के निर्देश पर रात 8 बजे के बाद बच्ची का मेडिकल हुआ और उसे अलग से वार्ड में भर्ती किया गया। बाद में गुलाटी खुद अस्पताल पहुंचे और बच्ची के इलाज की जानकारी ली। बच्ची व उसके परिजनों के लिए कपड़े व खानपान की व्यवस्थाएं भी कराईं।
प्रसंज्ञान लेगा महिला आयोग
राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि आयोग इस पर प्रसंज्ञान लेगा और पूरे मामले की विस्तृत जांच कराएगा। मैंने एसपी, सीएमएचओ व संबंधित डॉक्टरों से बात की है। संभाग स्तर के अस्पताल में यदि ऐसा है तो यह गंभीर है।
ड्यूटी डॉक्टर ने मना कर दिया था, अधीक्षक के घर तक पहुंचे : पुलिस
डाबी एएसआई हंसराज मीणा ने बताया कि वे दोपहर 3 बजे से अस्पताल में चक्कर काट रहा था, रात 8 बजे बाद मासूम का मेडिकल हो सका। उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद मैं अधीक्षक के घर गया, तब जाकर हमारी सुनवाई हुई। ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक ने मेडिकल करने से साफ मना कर दिया।
अधीक्षक को रिपोर्ट दे दी : ड्यूटी डॉक्टर
गायनी विभाग के ड्यूटी डॉक्टर, सुंबुल अली ने बताया कि बच्ची को लाया गया था, लेकिन मैं आपको कुछ नहीं बता पाऊंगी। मैंने पूरी रिपोर्ट अधीक्षक को दे दी। इससे आगे वे ही कुछ बता पाएंगे।
कड़ी कार्रवाई करूंगा : अधीक्षक
जेकेलोन अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर आरके गुलाटी ने बताया कि मुझे करीब 7 बजे इस मामले की जानकारी मिली थी। उसके 15 मिनट बाद बच्ची को मैंने शिशु रोग विभाग में भर्ती कर लिया। वैसे बच्ची स्टेबल है, मैं खुद भी उसे देखकर आया हूं। उसकी मां ने मुझे यही बताया कि घर पर छोटे बच्चे हैं, इसलिए हम भर्ती नहीं होना चाहते थे। बच्ची को गायनी विभाग की ड्यूटी डॉक्टर को दिखाया था। उन्होंने मुझे बताया तक नहीं। मैंने उनसे पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। दोषी मिलने पर कड़ी कार्रवाई करूंगा।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai