को-ऑपरेटिव बैंक की कैथून शाखा से कर्ज के बतौर किसानों को मिले नोटों की गड्डी में 500 रुपए का नकली नोट निकला। इसका पता उसे जब लगा जब वह एसबीआई की स्टेशन रोड स्थित कृषि शाखा में रुपए जमा कराने गया। वहां मशीन में नोट गिनने के लिए रखे तो 500 का एक नोट निकल कर बाहर आ गया। कैशियर ने बताया कि यह नकली है।
भगवानपुरा गांव के किसान हीरालाल नागर ने बैंक से 95 हजार 500 रुपए फसली ऋण लिया था। उसी में वह 500 का नोट था। इसकी शिकायत उन्होंने को-ऑपरेटिव बैंक मैनेजर से भी की तो उनका कहना था कि वह सिर्फ बैंक में ही जिम्मेदार हैं।
बाहर इसकी जिम्मेदारी नहीं ले सकते। परेशान किसान नोटों की पूरी गड्डी भास्कर कार्यालय में लेकर आए। उन्होंने जो गड्डी दिखाई उसमें से एक नोट 9एम 922389 नंबर का अलग ही दिखाई दे रहा था। उस नोट को पेन से काट रखा था तथा उसमें जो धागा था, वह भी असली नोटों से अलग था। नोटों की गड्डी पर लगे रैपर पर को-ऑपरेटिव बैंक सांगोद की मोहर लगी हुई थी।
भगवानपुरा गांव के किसान हीरालाल नागर ने बैंक से 95 हजार 500 रुपए फसली ऋण लिया था। उसी में वह 500 का नोट था। इसकी शिकायत उन्होंने को-ऑपरेटिव बैंक मैनेजर से भी की तो उनका कहना था कि वह सिर्फ बैंक में ही जिम्मेदार हैं।
बाहर इसकी जिम्मेदारी नहीं ले सकते। परेशान किसान नोटों की पूरी गड्डी भास्कर कार्यालय में लेकर आए। उन्होंने जो गड्डी दिखाई उसमें से एक नोट 9एम 922389 नंबर का अलग ही दिखाई दे रहा था। उस नोट को पेन से काट रखा था तथा उसमें जो धागा था, वह भी असली नोटों से अलग था। नोटों की गड्डी पर लगे रैपर पर को-ऑपरेटिव बैंक सांगोद की मोहर लगी हुई थी।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai