दिवाली से पहले आगजनी में राख हुई मराठा बस्ती मात्र 45 दिनों में ही दोबारा खड़ी हो गई। यहां पर 58 मकान लगभग बनकर तैयार हो चुके हैं। अब इनको फाइनल टच देने का काम चल रहा है। इस बस्ती को फिर से तैयार करने में शहरवासियों का जबरदस्त योगदान रहा। सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं से लेकर हर समाजसेवी व्यक्ति का केवल एक ही ध्येय था इन बेघर हुए 58 परिवारों को जल्दी से जल्दी छत मिल जाए। यही कारण था कि हर किसी ने अपने सामर्थ्य के अनुसार मदद की। चाहे वो कपड़े, खाने की हो या बर्तन या नकदी की हो। नकद के तौर पर ही 10 लाख रुपए एकत्रित हो चुके हैं।
मराठा बस्ती में दिवाली से पहले 10 नवंबर को पटाखे के कारण आग लग गई थी। इससे बस्ती के 58 मकान और उनमें रखा सामान राख में तब्दील हो गए थे। पहले तो शहरवासियों ने खुद आगे आकर बस्ती वालों के लिए खाने और कपड़ों की व्यवस्था की। हर दिन वहां पर अलग-अलग संस्थाओं की तरफ से खाना पहुंचने लगा। फिर सांसद ओम बिरला विधायक संदीप शर्मा ने लोगों से मकान बनाने में सहयोग की अपील की।
मराठा बस्ती में दिवाली से पहले 10 नवंबर को पटाखे के कारण आग लग गई थी। इससे बस्ती के 58 मकान और उनमें रखा सामान राख में तब्दील हो गए थे। पहले तो शहरवासियों ने खुद आगे आकर बस्ती वालों के लिए खाने और कपड़ों की व्यवस्था की। हर दिन वहां पर अलग-अलग संस्थाओं की तरफ से खाना पहुंचने लगा। फिर सांसद ओम बिरला विधायक संदीप शर्मा ने लोगों से मकान बनाने में सहयोग की अपील की।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai