बारां रोड स्थित गोपाल विहार में गुरुवार रात चोरों ने एक प्रॉपर्टी डीलर के सूने मकान से 40 लाख के जेवरात चुरा लिए। चोरों ने वारदात को सिर्फ एक घंटे में अंजाम दिया। चोरी के वक्त परिवार और किराएदार रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गए थे। वारदात स्थल को देखने के बाद पुलिस का दावा है कि चोरी रैकी करके ही हुई है।
बारां रोड गोपाल विहार में प्रॉपर्टी डीलर जगदीश सैनी (डाबर) का एक मंजिला मकान है। सैनी फ़र्स्ट फ्लोर पर रहते हैं, जो परिवार सहित गुरुवार रात 8.15 बजे अपने किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गए थे। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाला किराएदार भी परिवार सहित शादी में शामिल होने गया था। रात करीब 9.15 बजे किराएदार घर वापस आकर सो गया।
रात 10.15 बजे सैनी परिवार के साथ घर लौटे तो उनके होश उड़ गए। अलमारियों के लॉकर खुले थे और सामान बिखरा था। चैक किया तो पता चला कि चोर सारे जेवरात चुरा ले गए। जगदीश सैनी ने बताया कि चोर 3 कणकती, गले के 2 हार, 8 चूड़ियां, 1 बाजूबंद, 1 जोड़ी पायल, 1 जोड़ी बिछुए, 1 जोड़ी कुंडल व अन्य जेवरात ले गए, जो करीब 40 लाख रुपए के बताए जा रहे हैं।
ताले खुले मिले, कैमरे बंद: एसआई रामकिशन ने बताया कि चोरी के समय सैनी के मकान का मुख्य दरवाजा, अंदर का चैनल गेट व एक अन्य दरवाजे के सभी ताले खुले थे। चोर सीधे फ़र्स्ट फ्लोर पर गए और दरवाजे का लॉक पेचकस से तोड़कर चोरी को अंजाम दिया। चोर ग्राउंड फ्लोर पर न जाकर सीधे सैनी के कमरे में गया था। वहीं, मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे भी गुरुवार को बंद थे। सैनी ने दीपावली के समय घर में फर्नीचर और डिजाइन का कुछ काम करवाया था। वहीं, इस 1 घंटे के बीच दूध वाला भी आया था, जो घर पर कोई नहीं होने की वजह से दूध पड़ोस में देकर चला गया।
83% में नहीं लग पाता चोरों का पता
पुलिस ने 2015 में हुई 1175 चोरियों में से 977 में सिर्फ इसलिए एफआर लगाई कि पुलिस चोरों का पता ही नहीं लगा सकी। यानि 83 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में पुलिस चोरों से पीछे है। चोरों का पता नहीं लगाने का यह प्रतिशत साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है।
चालान सिर्फ 0.15 प्रतिशत
पिछले 3 साल में पुलिस 1 प्रतिशत मामलों में भी कोर्ट में चालान पेश नहीं कर सकी। पुलिस ने 2015 में 1175 में सिर्फ 170 मामलों में चालान पेश किया। जो कुल चोरी का सिर्फ 0.15 प्रतिशत हैं। 2014 में 890 चोरी हुईं, जिसमें सिर्फ 150 मामलों में चालान किया। वहीं, 2013 में पुलिस ने 840 चोरियों में सिर्फ 135 मामलों में चालान पेश किया।
साल चोरी चोरों का पता नहीं लगा
2013 840 669
2014 890 710
2015 1175 977
केस: आदित्य आवास कॉलोनी में 13 नवंबर 2014 को सरकारी वकील दीप्ति एस कुमार के घर चोरी हुई। चोर उनका महंगा मोबाइल, लैपटॉप व अन्य कीमती चीजें ले गए। बोरखेड़ा पुलिस ने हाल में इस मामले में अदम पता में एफआर लगाकर इति श्री कर ली।
बारां रोड गोपाल विहार में प्रॉपर्टी डीलर जगदीश सैनी (डाबर) का एक मंजिला मकान है। सैनी फ़र्स्ट फ्लोर पर रहते हैं, जो परिवार सहित गुरुवार रात 8.15 बजे अपने किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल होने गए थे। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाला किराएदार भी परिवार सहित शादी में शामिल होने गया था। रात करीब 9.15 बजे किराएदार घर वापस आकर सो गया।
रात 10.15 बजे सैनी परिवार के साथ घर लौटे तो उनके होश उड़ गए। अलमारियों के लॉकर खुले थे और सामान बिखरा था। चैक किया तो पता चला कि चोर सारे जेवरात चुरा ले गए। जगदीश सैनी ने बताया कि चोर 3 कणकती, गले के 2 हार, 8 चूड़ियां, 1 बाजूबंद, 1 जोड़ी पायल, 1 जोड़ी बिछुए, 1 जोड़ी कुंडल व अन्य जेवरात ले गए, जो करीब 40 लाख रुपए के बताए जा रहे हैं।
ताले खुले मिले, कैमरे बंद: एसआई रामकिशन ने बताया कि चोरी के समय सैनी के मकान का मुख्य दरवाजा, अंदर का चैनल गेट व एक अन्य दरवाजे के सभी ताले खुले थे। चोर सीधे फ़र्स्ट फ्लोर पर गए और दरवाजे का लॉक पेचकस से तोड़कर चोरी को अंजाम दिया। चोर ग्राउंड फ्लोर पर न जाकर सीधे सैनी के कमरे में गया था। वहीं, मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे भी गुरुवार को बंद थे। सैनी ने दीपावली के समय घर में फर्नीचर और डिजाइन का कुछ काम करवाया था। वहीं, इस 1 घंटे के बीच दूध वाला भी आया था, जो घर पर कोई नहीं होने की वजह से दूध पड़ोस में देकर चला गया।
83% में नहीं लग पाता चोरों का पता
पुलिस ने 2015 में हुई 1175 चोरियों में से 977 में सिर्फ इसलिए एफआर लगाई कि पुलिस चोरों का पता ही नहीं लगा सकी। यानि 83 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में पुलिस चोरों से पीछे है। चोरों का पता नहीं लगाने का यह प्रतिशत साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है।
चालान सिर्फ 0.15 प्रतिशत
पिछले 3 साल में पुलिस 1 प्रतिशत मामलों में भी कोर्ट में चालान पेश नहीं कर सकी। पुलिस ने 2015 में 1175 में सिर्फ 170 मामलों में चालान पेश किया। जो कुल चोरी का सिर्फ 0.15 प्रतिशत हैं। 2014 में 890 चोरी हुईं, जिसमें सिर्फ 150 मामलों में चालान किया। वहीं, 2013 में पुलिस ने 840 चोरियों में सिर्फ 135 मामलों में चालान पेश किया।
साल चोरी चोरों का पता नहीं लगा
2013 840 669
2014 890 710
2015 1175 977
केस: आदित्य आवास कॉलोनी में 13 नवंबर 2014 को सरकारी वकील दीप्ति एस कुमार के घर चोरी हुई। चोर उनका महंगा मोबाइल, लैपटॉप व अन्य कीमती चीजें ले गए। बोरखेड़ा पुलिस ने हाल में इस मामले में अदम पता में एफआर लगाकर इति श्री कर ली।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai