अकेलगढ़ हेडवर्क में मंगलवार को 18 घंटे का शटडाउन रखकर जलदाय विभाग ने 28 लीकेज ठीक किए हैं। इससे रोज 50 लाख लीटर पानी की छीजत रुकेगी। लीकेज के कारण विभाग को 8 की जगह 9 पंप चलाने पड़ रहे थे। अब 8 पंप से ही काम चल रहा है। इससे रॉ वाटर उठाने के लिए 24 घंटे चलने वाला 300 हॉर्स पावर का पंप भी बंद कर दिया गया।
इससे हर घंटे खर्च हो रही 225 यूनिट बिजली बच रही है, जिसे हर घंटे 1575 रुपए की बचत होगी। विभागीय अभियंताओं के अनुसार यह मरम्मत कार्य मार्च 2015 से स्वीकृत था। परंतु पेयजल की डिमांड के चलते विभाग इतना लंबा शटडाउन नहीं ले पा रहा था।
साढ़े 7 बजे शुरू हुए डिस्ट्रीब्यूटर पंप
लीकेज की मरम्मत में टाइम लगने के कारण प्लांट के रॉ वाटर पंप बुधवार सुबह सवा 5 बजे चले। साढ़े 7 बजे पानी साफ हुआ और डिस्ट्रीब्यूटर पंप फिर चालू होकर जलापूर्ति शुरू हुई। शाम तक बहाल हो सकी जलापूर्ति बुधवार सुबह 10 बजे तक अधिकांश इलाकों के नलों में पानी नहीं पहुंचा। लोगों को इधर-उधर से पानी जुगाड़ करना पड़ा।
पाटनपोल इलाके में शाम 3 बजे तक पानी नहीं पहुंचा। छावनी इलाके में भी 1.30 बजे तक पानी नहीं आया था। डीसीएम व प्रेमनगर इलाके में 4.30 बजे शाम की सप्लाई शुरू हुई। शाम तक पूरे शहर की जलापूर्ति सामान्य हो गई।
इससे हर घंटे खर्च हो रही 225 यूनिट बिजली बच रही है, जिसे हर घंटे 1575 रुपए की बचत होगी। विभागीय अभियंताओं के अनुसार यह मरम्मत कार्य मार्च 2015 से स्वीकृत था। परंतु पेयजल की डिमांड के चलते विभाग इतना लंबा शटडाउन नहीं ले पा रहा था।
साढ़े 7 बजे शुरू हुए डिस्ट्रीब्यूटर पंप
लीकेज की मरम्मत में टाइम लगने के कारण प्लांट के रॉ वाटर पंप बुधवार सुबह सवा 5 बजे चले। साढ़े 7 बजे पानी साफ हुआ और डिस्ट्रीब्यूटर पंप फिर चालू होकर जलापूर्ति शुरू हुई। शाम तक बहाल हो सकी जलापूर्ति बुधवार सुबह 10 बजे तक अधिकांश इलाकों के नलों में पानी नहीं पहुंचा। लोगों को इधर-उधर से पानी जुगाड़ करना पड़ा।
पाटनपोल इलाके में शाम 3 बजे तक पानी नहीं पहुंचा। छावनी इलाके में भी 1.30 बजे तक पानी नहीं आया था। डीसीएम व प्रेमनगर इलाके में 4.30 बजे शाम की सप्लाई शुरू हुई। शाम तक पूरे शहर की जलापूर्ति सामान्य हो गई।
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Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai