हार्टअटैक के बढ़ते कदम को रोकना है तो पैदल चलो, 21 को होगी बड़ी मैराथन

हार्टअटैक के बढ़ते कदम को रोकना है तो पैदल चलो, 21 को होगी बड़ी मैराथन

हार्टअटैक के बढ़ते कदम को रोकना है तो पैदल चलो, 21 को होगी बड़ी मैराथन

 जब 17 और 19 साल के बच्चों में हार्टअटैक देखा तो लोगों को दवाइयों के साथ-साथ एहतियात भी बताना शुरू किया। साथ ही फेसबुक पेज हार्ट वाइज बनाकर लोगों को हार्ट अटैक से बचाव के तरीके बताए, लेकिन फिर भी हर व्यक्ति और आम आदमी तक ये पहुंच नाकाफी थी। इन चीजों को बड़े जनसमुदाय तक पहुंचाने और उन्हें जोड़ने के लिए मंथन किया तो वोकाथॉन का कार्यक्रम बना। ये कहना है हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. साकेत गोयल का।
भास्कर से बातचीत में डॉ. गोयल ने वोकाथॉन मैराथन की आवश्यकता के बारे में बताया कि डॉक्टर के पास व्यक्ति तब पहुंचता है जब वो इसका रोगी हो जाता है। हमारी कोशिश है कि व्यक्ति यदि हर दिन 10 हजार कदम पैदल चले तो उसे हार्ट संबंधी कई रोगों से बचाया जा सकता है। इसलिए 21 फरवरी को वोकाथॉन हो रही है। अब भी हार्ट पेशेंट के आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। देश में हर दिन 900 लोगों की मौत हार्ट अटैक से होती है और उनमें से 50 प्रतिशत की उम्र 30 वर्ष से कम होती है। विदेशों में ये 25 प्रतिशत ही है।
पूरे रास्ते में संदेश
वोकाथॉन के 6 किमी रूट में 60 जगह बैनर लगाए जा रहे हैं। इन पर हृदय रोग से बचाव के सुझाव व लाइफ स्टाइल में बदलाव के सुझाव लिखे होंगे। ताकि शहरवासी हृदय रोग से बचाव से अनभिज्ञ न रहें। रोगी होने से पहले ही जागरूक हो जाएं।
इधर बिना जिम गए एक साल में 38 किलो वजन घटाकर जीती मैराथन
एक साल पहले तक 120 किलो वजन के साथ भारी-भरकम शरीर से परेशान आबिद कागजी जब सेहत के प्रति जागरूक हुए तो उन्हें ऐसी लगन लगी कि 38 किलो वजन कम कर लिया। इसके लिए उन्होंने न कोई जिम ज्वॉइन की, न कोई शरीर तोड़ने वाली कसरत की। बस योग, दौड़ और दृढ़ निश्चय के जरिए उन्होंने ये फिट शरीर पा लिया। पूरे एक साल तक बिना एक दिन का गैप दिए सीवी गार्डन में दौड़ से इनके दिन की शुरुआत होती है। इसके अलावा पूरे समय परहेज रखना।
एक साल में उन्होंने वो सब खाना छोड़ दिया जो सेहत के लिए हानिकारक है। इसका नतीजा ये रहा कि जयपुर में रविवार को हुई 21.97 किलोमीटर की मैराथन को उन्होंने जीत लिया। इस दौड़ को 3 घंटे में पूरा करना था, जिसे कागजी ने मात्र 1 घंटा 45 मिनट में पूरा कर मैडल प्राप्त कर लिया। इस दौड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के धावक शामिल थे और कागजी सहित 50 लोगों ने इसे पूरा किया।

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2 Comments

  1. Visitor Photo
    By : Amritlal

    Job

  2. Visitor Photo
    By : Devesh

    Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai

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