1 मई को होने वाले मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। सिलेबस 11वीं व 12वीं कक्षा का ही होगा। पहले यह परीक्षा एआईपीएमटी के नाम से हो रही थी, लेकिन अब इसको नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट) के नाम से आयोजित करवाया जा रहा है।
यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी भाषा में होगी। फाॅर्म भरते समय विद्यार्थियों ने जो भाषा का विकल्प भरा था, उसके अनुसार ही सवाल पूछे जाएंगे। हालांकि 24 जुलाई को होने वाली परीक्षा की भाषा तय किया जाना अभी बाकी है।
पेपर की भाषा तय नहीं
24 जुलाई को होने वाली परीक्षा में उन बच्चों को मौका दिया जाएगा, जो स्टेट पीएमटी की तैयारियां कर रहे थे। महाराष्ट्र और गुजरात ऐसे राज्य हैं, जहां की स्टेट पीएमटी में क्षेत्रीय भाषा का भी विकल्प दिया जाता है। अभी तय होना बाकी है कि दूसरे चरण में क्षेत्रीय भाषा को शामिल किया जाएगा या नहीं।
इसीलिए होनी है 2 चरणों में
दो चरणों में यह परीक्षा इसीलिए आयोजित की जा रही है, क्योंकि एआईपीएमटी (अब नीट) के आवेदन पहले ही भरे जा चुके हैं। स्टेट पीएमटी की तैयारियां कर रहे बच्चों ने यह फाॅर्म नहीं भरा। सिंगल एंट्रेंस एग्जाम से स्टेट पीएमटी के बच्चे वंचित नहीं हों, इसी कारण उनको फाॅर्म भरने का मौका दिया जा रहा है। फाॅर्म भरने की तारीख अभी तय होना बाकी है।
इन्होंने क्या कहा
एलेन के एकेडमिक डायरेक्टर ब्रजेश माहेश्वरी ने कहा है कि सिंगल एंट्रेंस एग्जाम होने से बच्चों की एकाग्रता और दक्षता बढ़ेगी। अलग-अलग एग्जाम की टेंशन नहीं रहेगी।
कॅरियर प्वाइंट के एकेडमिक डायरेक्टर शैलेंद्र माहेश्वरी ने कहा है कि परीक्षा से कुछ दिनों पहले ही बदलाव किया है। दोनों पक्ष देखने चाहिए। एक ही पेपर के आधार पर बच्चों की परफारमेंस काउंट की जाएगी।
यह परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी भाषा में होगी। फाॅर्म भरते समय विद्यार्थियों ने जो भाषा का विकल्प भरा था, उसके अनुसार ही सवाल पूछे जाएंगे। हालांकि 24 जुलाई को होने वाली परीक्षा की भाषा तय किया जाना अभी बाकी है।
पेपर की भाषा तय नहीं
24 जुलाई को होने वाली परीक्षा में उन बच्चों को मौका दिया जाएगा, जो स्टेट पीएमटी की तैयारियां कर रहे थे। महाराष्ट्र और गुजरात ऐसे राज्य हैं, जहां की स्टेट पीएमटी में क्षेत्रीय भाषा का भी विकल्प दिया जाता है। अभी तय होना बाकी है कि दूसरे चरण में क्षेत्रीय भाषा को शामिल किया जाएगा या नहीं।
इसीलिए होनी है 2 चरणों में
दो चरणों में यह परीक्षा इसीलिए आयोजित की जा रही है, क्योंकि एआईपीएमटी (अब नीट) के आवेदन पहले ही भरे जा चुके हैं। स्टेट पीएमटी की तैयारियां कर रहे बच्चों ने यह फाॅर्म नहीं भरा। सिंगल एंट्रेंस एग्जाम से स्टेट पीएमटी के बच्चे वंचित नहीं हों, इसी कारण उनको फाॅर्म भरने का मौका दिया जा रहा है। फाॅर्म भरने की तारीख अभी तय होना बाकी है।
इन्होंने क्या कहा
एलेन के एकेडमिक डायरेक्टर ब्रजेश माहेश्वरी ने कहा है कि सिंगल एंट्रेंस एग्जाम होने से बच्चों की एकाग्रता और दक्षता बढ़ेगी। अलग-अलग एग्जाम की टेंशन नहीं रहेगी।
कॅरियर प्वाइंट के एकेडमिक डायरेक्टर शैलेंद्र माहेश्वरी ने कहा है कि परीक्षा से कुछ दिनों पहले ही बदलाव किया है। दोनों पक्ष देखने चाहिए। एक ही पेपर के आधार पर बच्चों की परफारमेंस काउंट की जाएगी।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai