नगर निगम की छावनी स्थित कॉॅलोनी में लंबे समय से अवैध तरीके से रहे निगम कर्मचारियों तथा बाहरी लोगों के खिलाफ अंतत: नगर निगम ने शुक्रवार को कार्रवाई कर दी। निगम के अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और एक-एक घर को सर्च किया।
इस दौरान 13 मकान ऐसे पाए गए, जिनमें बिना आवंटन, किराए पर तथा रिटायरमेंट के बाद भी कर्मचारी व बाहरी लोग रह रहे थे। निगम ने सख्ती कर सभी का सामान बाहर कर दिया और ताले लगा दिए। निगम ने उन्हें सामान ले जाने के लिए वाहन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई, लेकिन उन्होंने अपनी व्यवस्था अपने स्तर पर ही कर ली थी।
नगर निगम की कॉॅलोनी में कुछ मकान खंडहर हो रहे हैं, जिनमें समाजकंटकों ने कब्जा कर रखा है। 6 मकान ऐसे थे जिनमें बाहरी लोगों ने कब्जा कर रखा था। 6 मकान ऐसे थे, जो निगम के ही कर्मचारियों ने दूसरों को किराए पर दे दिए और रिटायरमेंट के 6 साल बाद तक मकान खाली नहीं कर रहे थे। एक मकान ऐसा था जिसे निगम कर्मचारी ने आवंटित तो करवा लिया था, लेकिन उसका पैसा जमा नहीं हो रहा था।
भास्कर ने शुक्रवार के अंक में ये खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद निगम उपायुक्त अशोक त्यागी, राजेश डागा व फायर आॅफिसर राकेश व्यास के नेतृत्व में गई टीम ने सभी के सामान बाहर निकालकर उन पर ताला लगा दिया।
पैसा जमा करवाएंगे तो हो सकता है आवंटन
उपायुक्त त्यागी का कहना है कि ये मकान जर्जर हालत में हैं, इसलिए इन सभी को एक बार रिपेयर करवाया जाएगा। इसके बाद वरिष्ठता के हिसाब से कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा। जो कर्मचारी बिना किराया दिए यहां रह रहे थे, उनसे पिछला बकाया वसूली की भी कार्रवाई की जाएगी। यदि वो किराया जमा करवा देगा तो उन्हें ये ही मकान आवंटित किया जा सकता है।
इस दौरान 13 मकान ऐसे पाए गए, जिनमें बिना आवंटन, किराए पर तथा रिटायरमेंट के बाद भी कर्मचारी व बाहरी लोग रह रहे थे। निगम ने सख्ती कर सभी का सामान बाहर कर दिया और ताले लगा दिए। निगम ने उन्हें सामान ले जाने के लिए वाहन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई, लेकिन उन्होंने अपनी व्यवस्था अपने स्तर पर ही कर ली थी।
नगर निगम की कॉॅलोनी में कुछ मकान खंडहर हो रहे हैं, जिनमें समाजकंटकों ने कब्जा कर रखा है। 6 मकान ऐसे थे जिनमें बाहरी लोगों ने कब्जा कर रखा था। 6 मकान ऐसे थे, जो निगम के ही कर्मचारियों ने दूसरों को किराए पर दे दिए और रिटायरमेंट के 6 साल बाद तक मकान खाली नहीं कर रहे थे। एक मकान ऐसा था जिसे निगम कर्मचारी ने आवंटित तो करवा लिया था, लेकिन उसका पैसा जमा नहीं हो रहा था।
भास्कर ने शुक्रवार के अंक में ये खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद निगम उपायुक्त अशोक त्यागी, राजेश डागा व फायर आॅफिसर राकेश व्यास के नेतृत्व में गई टीम ने सभी के सामान बाहर निकालकर उन पर ताला लगा दिया।
पैसा जमा करवाएंगे तो हो सकता है आवंटन
उपायुक्त त्यागी का कहना है कि ये मकान जर्जर हालत में हैं, इसलिए इन सभी को एक बार रिपेयर करवाया जाएगा। इसके बाद वरिष्ठता के हिसाब से कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा। जो कर्मचारी बिना किराया दिए यहां रह रहे थे, उनसे पिछला बकाया वसूली की भी कार्रवाई की जाएगी। यदि वो किराया जमा करवा देगा तो उन्हें ये ही मकान आवंटित किया जा सकता है।
Job
Bhai mera mara hai dard bhi mujko hai